1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. Noida का नया अवतार! IT पार्क, चिप मैन्युफैक्चरिंग और बड़े प्रोजेक्ट्स से बढ़ रहा इन्वेस्टमेंट; जानिए कैसे बदल रही शहर की तस्वीर?

Noida का नया अवतार! IT पार्क, चिप मैन्युफैक्चरिंग और बड़े प्रोजेक्ट्स से बढ़ रहा इन्वेस्टमेंट; जानिए कैसे बदल रही शहर की तस्वीर?

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Apr 19, 2026 10:45 am IST,  Updated : Apr 19, 2026 10:54 am IST

कभी सिर्फ छोटे-मोटे कारखानों और औद्योगिक शेडों का शहर माने जाने वाला नोएडा आज पूरी तरह बदल रहा है। 2026 में नोएडा न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश का हाई-टेक हब बनने जा रहा है। आईटी पार्क, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और कई मेगा प्रोजेक्ट्स से यहां निवेश का सिलसिला तेज हो गया है।

नोएडा बना निवेश का नया...- India TV Hindi
नोएडा बना निवेश का नया हॉटस्पॉट! Image Source : CANVA

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का इंजन कहा जाने वाला नोएडा इन दिनों एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ये शहर अपनी पुरानी पहचान को पीछे छोड़कर एक वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। कभी दिल्ली के पड़ोस में बसे एक शांत औद्योगिक शहर के रूप में पहचाने जाने वाला नोएडा, अब दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों और चिप निर्माताओं की पहली पसंद बन गया है। पिछले कुछ वर्षों में यहां जिस रफ्तार से निवेश बढ़ा है, उसने न केवल राज्य की तस्वीर बदली है, बल्कि नोएडा को दक्षिण एशिया के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्रों की कतार में खड़ा कर दिया है।

नोएडा (न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी) की स्थापना 17 अप्रैल 1976 को हुई थी। तब यह दिल्ली के औद्योगिक दबाव को कम करने के लिए प्लान्ड इंडस्ट्रियल टाउनशिप के रूप में विकसित किया गया। 90 के दशक और साल 2010 की शुरुआत तक, नोएडा मुख्य रूप से होजरी और गारमेंट एक्सपोर्ट का बड़ा केंद्र माना जाता था। यहां छोटी और मध्यम स्तर की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स थीं। लेकिन समय का पहिया घूमा और आज नोएडा भारत के सिलिकॉन वैली को चुनौती दे रहा है।

आईटी का नया युग

नोएडा अब ग्लोबल आईटी कंपनियों का पसंदीदा ठिकाना बन गया है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने सेक्टर-157 में नोएडा एक्सप्रेसवे पर 75 एकड़ में विशाल आईटी एसईजेड कैंपस बना रहा है। यह टीसीएस का सबसे बड़ा कैंपस होगा, जिसमें 35,000 प्रोफेशनल्स काम करेंगे। इसी तरह इंफोसिस भी सेक्टर-85 में 27.5 एकड़ पर मेगा कैंपस विकसित कर रहा है। यह कैंपस आधुनिक टावरों, इको-फ्रेंडली डिजाइन और स्मार्ट टेक्नोलॉजी से लैस होगा। यह स्पेशल इकोनॉमिक जोन 25,000 से ज्यादा कर्मचारियों को रोजगार देगा। दोनों कैंपस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के करीब होने से कनेक्टिविटी अच्छी है।

सेमीकंडक्टर और चिप मैन्युफैक्चरिंग का नया केंद्र

नोएडा का नया अवतार केवल सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं है। भारत सरकार के सेमीकंडक्टर मिशन के तहत नोएडा और ग्रेटर नोएडा का इलाका अब चिप मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की ओर अग्रसर है। दुनिया भर में सेमीकंडक्टर की कमी को देखते हुए, कई वैश्विक कंपनियों ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ नोएडा क्षेत्र में यूनिट लगाने के लिए हजारों करोड़ के एमओयू (MoU) साइन किए हैं। इसके अलावा, हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ चिप डिजाइनिंग सेक्टर में भी नोएडा तेजी से आगे बढ़ रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले 5 वर्षों में नोएडा न केवल मोबाइल, बल्कि लैपटॉप और ऑटोमोबाइल में इस्तेमाल होने वाले चिप्स का भी मुख्य केंद्र होगा।

अन्य मेगा प्रोजेक्ट्स

  • जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट: यह नोएडा के लिए गेम-चेंजर साबित हुआ है। एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी ने विदेशी निवेशकों के मन में नोएडा के प्रति भरोसा जगाया है। इसके चालू होने से लॉजिस्टिक और कार्गो व्यापार में भारी उछाल आने की उम्मीद है।
  • मेडिकल डिवाइस पार्क: स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए नोएडा में एक समर्पित मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है, जिससे दवाओं और मेडिकल उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
  • डेटा सेंटर पार्क: नोएडा अब उत्तर भारत का डेटा कैपिटल बन रहा है। हीरानंदानी ग्रुप का Yotta डेटा सेंटर और अडानी समूह के प्रोजेक्ट्स यहां डिजिटल इकोनॉमी की नींव रख रहे हैं।
  • इंटरनेशनल फिल्म सिटी: यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बन रही फिल्म सिटी न केवल मनोरंजन बल्कि पर्यटन और निवेश के नए रास्ते खोल रही है।

नोएडा में निवेश क्यों बढ़ रहा?

बड़े निवेशकों के मुताबिक नोएडा पहली पसंद इसलिए है क्योंकि यहां आईटी, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी का भरपूर टैलेंट उपलब्ध है। दिल्ली-एनसीआर की यूनिवर्सिटीज से हर साल हजारों स्किल्ड प्रोफेशनल्स निकलते हैं। साथ ही यूपी सरकार ने लॉ एंड ऑर्डर सुधारकर राज्य को निवेशकों के लिए सुरक्षित बनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अपराध पर सख्ती और निवेश-अनुकूल नीतियों ने नोएडा को “यूपी न्यू इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन” बना दिया। 2024-25 में यूपी नए बिजनेस रजिस्ट्रेशन में महाराष्ट्र के बाद दूसरे नंबर पर रहा। इसके अलावा, दादरी में बन रहा मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब और फ्रेट कॉरिडोर नोएडा को बंदरगाहों से सीधा जोड़ रहे हैं, जिससे माल की आवाजाही सस्ती और तेज हो गई है।

रोजगार और रियल एस्टेट में उछाल

ये बदलाव सिर्फ इमारतों तक सीमित नहीं। लाखों युवाओं को हाई-पे जॉब्स मिल रही हैं। सेमीकंडक्टर और आईटी से जुड़े उद्योगों में स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम चल रहे हैं। शहर ग्रीन, स्मार्ट और ग्लोबल बन रहा है, जिससे डेटा सेंटर पार्क भी आ रहे हैं। निवेश बढ़ने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टी की मांग में भारी इजाफा हुआ है। लोग अब नोएडा को केवल काम करने की जगह नहीं, बल्कि रहने के लिए भी एक प्रीमियम शहर मान रहे हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा